Breaking News
जाने 25 सबसे ताकतवर देश की लिस्ट में भारत का कौनसा स्थान। | आजमगढ़ गैंगरेप मामले को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव। | तारक मेहता का उल्टा चश्मा ' के सुपरहिट कैरेक्टर डॉ. हंसराज हाथी का निधन हो गया है। | जनता का विरोध देख स्थानीय विधायक सुरेंद्र पारीक मोटरसाइकिल पर बैठ वहाँ से भागे | जयपुर के आसपास के इलाकों में भूकंप आया। | राजस्थान में सुखेर थाना क्षेत्र के सरे खुर्द गांव में शुक्रवार दोपहर प्रेमी युगल को निर्वस्त्र कर रस्सी से बांध कर पूरे गांव में घुमाने का शर्मनाक मामला सामने आया है। | अजमेर में भीषण सड़क हादसा, 10 की मौत, दो दर्जन से अधिक घायल | भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका, इंग्लैंड के खिलाफ टी20 व वनडे सीरीज से बाहर हुए जसप्रीत बुमराह | प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा, देश के संविधान को कुचलने और लोकतंत्र को कैदखाने में बंद करने वाला बताया। | जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के निशाने पर आतंकियों के कमांडर, टॉप 21 आतंकियों की सूची जारी
You are here: Home / भाजपाइयों के अनुसार औरंगजेब बादशाह बुरा था पर आज के नेताओं जितना भ्रष्ट बेईमान नही था....


  • भाजपाइयों के अनुसार औरंगजेब बादशाह बुरा था पर आज के नेताओं जितना भ्रष्ट बेईमान नही था....

    source site संपादक
    विश्व की अनेक पुरातन संस्कृतियों में से एक भारतीय संस्कृति हैं जिसकी महान सभ्यता काफी पुरानी एवं सहिष्णु हैं। सारे विश्व को वासुदेव कुटुम्ब यानी सम्पूर्ण विश्व को अपना परिवार मानना यहां की संस्कृति की महानता का परिचायक हैं।  भारतीय उप महाद्वीप में मुगलो के आने से एक नई इस्लामी संस्कृति का मिलन हुआ। मुगल बादशाह अपने साथ अनेक प्रकार के हुनर एवं न्याय प्रणाली हमारे देश में लेकर आये थे। इससे पहले हमारे देश में राजा की जबान से निकला हुआ शब्द ही न्याय माना जाता था किसी को भी अपील वकील दलील का अपने बचाव अधिकार तत्कालीन राजवंशी शासन में नही था। मुगल बादशाह औरंगजेब के चरित्र के साथ अनेक प्रकार मिथ्या आरोप जोड दिये जाते हैं। जिनमें लेश मात्र भी सच्चाई नही है ऐसे आरोप जानबूझकर औरंगजेब से जोडकर नफरत के विभाजनकारी एजेंडे को देश में चलाया जाता है। भारतीय धार्मिक परम्परा में दुश्मन राजा के ज्ञान की भी प्रशंसा की गई है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने अपने दुश्मन रावण के अंतिम समय में रावण के पास मोजूद गुण-ज्ञान को प्राप्त करने के लिए ही अपने भाई लक्ष्मण को भेजा था। रावण ने भी माता सीता का अपहरण सुर्पणखा की नाक लक्ष्मण द्वारा काटे जाने पर ही किया था इतना होने के बाद भी रावण ने सीता माता को लंका में हाथ तक नही लगाया था। सच में आज के रावण बने नेताओ से ज्यादा नैतिकता तो उस समय के रावण जैसे राक्षस मे भी थी।औरंगजेब बादशाह ने जीवन पर्यन्त एक रुपया भी सरकारी खजाने से अपने निजी खर्च करने के लिए कभी नहीं लिया था।सारे हिन्दुस्तान का बादशाह होकर भी औरंगजेब टोपियां सीकर मजदूरी करके अपना परिवार पालता था। इस हिन्दुस्तान की अजीम शख्सियत और वक्त के बादशाह की ईमानदारी सच्चाई की एक दो घटनाएं हम यहां पर लिख रहे है जिससे पाठक गण आज के भ्रष्ट हो चुके हिन्दू- मुस्लिम नेताओं के चरित्र से तुलना कर सके। एक बार बादशाह औरंगजेब का गुरु मुल्ला जीवण बादशाह से मिलने महल में तशरीफ़ लाया। अपने घर आये गुरु को भेंट में देने के लिए बादशाह औरंगजेब के पास मे कुछ नहीं था। अपने गुरू को भेंट देने के लिए हिन्दुस्तान का बादशाह बारिश के मौसम मे भीगता हुआ दिल्ली की सड़को पर भैस बदलकर मजदूरी के लिए निकल पडा। वक्त का बादशाह मजदूर बनकर आधी रात में बारिश से भीगता आवाज लगा रहा था कि हैं कोई जिसकी छत दीवार की मरम्मत करनी बारिश में जरूरी है, उसके लिए मजदूर हाजिर है जो मरम्मत कर देगा। उस ऐतिहासिक रात में दिल्ली के एक सेठ के मकान की छत की मरम्मत बादशाह ने रात भर की और फज़र की अज़ान लगते ही बादशाह ने पहचाने जाने के डर से काम रोक कर अपनी मजदूरी सेठ से मांगीं। सेठ ने एक चवन्नी मजदूर बने बादशाह को मजदूरी की देते हुए कहा कि आपकी मजदूरी अठन्नी बन ती हैं पर अभी मेरे पास ये चवन्नी ही है शेष बची, चवन्नी आप सुबह आकर मेरी दुकान से ले जाना। अपनी पहचान जग जाहिर होने के डर से बादशाह ने सेठ से एक चवन्नी उसी वक्त ले जाकर सुबह अपने से विदा होकर जाने वाले अपने गुरु को भेंट कर दी। मेहनत से कमाई एक चवन्नी की बरकत से बादशाह औरंगजेब का गुरु शिघ्र मालामाल हो गया जिसकी शिकायत दरबारियों ने बादशाह से की। बादशाह ने अपने गुरु को दरबार में बुलाकर पूछा कि इतना जल्दी मालामाल कैसे हो गए बताईये। औरंगजेब के गुरु ने भरे दरबार में कहा की बेटा औरंगजेब तुने जो एक चवन्नी भेंट मे दी थी उस चवन्नी की बरकत से में जो भी कारोबार करता उसी मे फायदा होता गया और में मालामाल हो गया। बादशाह ने उस चवन्नी की हकीकत बताने के लिए दरबार में उस सेठ को बुलाया जिसने मजदूरी मे एक चवन्नी बादशाह को दी थी। सेठ ने दरबार में आकर बादशाह बने मजदूर की मेहनत से कमाई चवन्नी की हकीकत बताकर बादशाह को पहचान लिया। ये बादशाह औरंगजेब का चरित्र और किरदार हैं जिससे शायद ही आज के बेईमान नेता सबक हासिल करेंगे? हिन्दुस्तान की अजीम हुकूमत का यह बादशाह जब दुनिया छोडकर गया तो तब उसके घर में वारिसों के लिए 16 रुपये छोड़कर गया था जिसमे भी यह वसियत की कि मेरे कफन-धफन के बाद जो रकम बचे उसे गरीबों में खैरात कर देना। उत्तर प्रदेश के बनारस शहर में बनी धनेडा मस्जिद बादशाह औरंगजेब के इन्साफ की महान निशानी है,
    बनारस शहर मोदीजी का लोकसभा क्षेत्र है जो योगी आदित्यनाथ के राज्य शासन में आता है। बादशाह औरंगजेब के बनारस शहर के कोतवाल इब्राहीम ने एक ब्राह्मण रामलाल की लड़की शकुंतला की सुन्दरता पर मोहित हो कर उसका हाथ शादी के लिए एक महिने में रामलाल ब्राह्मण से जबरन मांग लिया। बूढ़े बाप की लाचारी ने तनाव मे खाना पीना छोड खाट पकडली अपने बाप की बेबसी जब शकुंतला ने सुनी तो एक बेटी ने मर्दो की वेशभूषा धारण करके राजधानी दिल्ली में वक्त के बादशाह औरंगजेब से न्याय मागंने पहुंच गई।  बादशाह ने पहली नजर में मर्दो का वेश धारण करने वाली शकुंतला को देखते ही कहा कि बेटा मेरे राज में तुझे कोनसी ऐसी तकलीफ हो गई जिससे तुझे मर्दो का वेश धारण करना पडा। एक महीने मे अपनी डोली कोतवाल इब्राहिम के हरम में जबरन मांगने की बात शकुंतला ने औरंगजेब को बताने पर बादशाह ने कहा कि बेटी तुझे न्याय मिलेगा। तेरे बाप से कहना की तय वक्त पर तेरी डोली तैयार रखें। शकुंतला की डोली पहुचंने की तारीख के दिन बादशाह औरंगजेब भेष बदल कर बनारस शहर पहुंच गया। भरे दरबार में औरंगजेब ने इब्राहिम कोतवाल को उसके जुर्म की सजा के बदले दो हाथियो से परस्पर उल्टी दिशा में टागें बंधवाकर बीच से दो टुकड़े करके उसके प्राण ले लिए। इसके बाद औरंगजेब ने शकुंतला से कहा बेटा तेरे बाप से कहो तेरी डोली उठाकर घर ले चले अपनी लाड़ली बिटिया को। शकुंतला के गांव धनेड़ा मे जाकर इसांफ और इसांनियत के मसीहा औरंगजेब ने बताया कि बेटी शकुंतला जिस दिन मिली थी उस दिन से मेनें प्रण कर लिया था कि जबतक बेटी शकुंतला को न्याय नही मिलेगा तब तक मेरे लिए अन्न का एक दाना खाना भी हराम है और आज तक मेने अन्न का दाना भी नही चखा हैं बेटी शकुंतला अब मै तेरे को न्याय दिलाने की खुशी मे ईश्वर के शुक्र की नमाज पढ़ कर खाना खाउंगा। जिस जमीन पर बादशाह ने ईश्वर के शुक्र का सजदा करके नमाज पढी थी उस जमीन पर रहने वाले हिन्दू-मुस्लिम समाज के लोगों ने बादशाह के न्याय की याद में मस्जिद बना दी जो धनेड़ा गांव में आज भी मोजूद है। इस मस्जिद में सोने के पत्तर पर सुनहरी अक्षरों में औरंगजेब बादशाह का किया गया न्याय अंकित करके रखा हुआ है। कहां औरंगजेब की इमानदारी उसका न्याय है और कहां दिनरात राम राज की बात करने वाले आज के नेताओं की ईमानदारी और उनका चरित्र है?औरंगजेब की रानियों हाडी रानी और उदयपुरी बेगम थी जो इस बात को बयान करने के लिए काफी हैं कि जैसा आज के संघी औरंगजेब को बताते है वैसा चरित्र इस बादशाह का नहीं था। वासुदेव कुटुम्ब की बात करने वालो के द्वारा भले ही सड़को से इस बादशाह का नाम मिटा दिया जाए पर इतिहास के पन्नों में न्याय प्रिय यह बादशाह हमेशा जिन्दा रहेगा।भाजपा के योगी आदित्यनाथ मोदीजी भगवान राम के सच्चे अनुयायी बन कर यदी कुछ मर्यादा का निर्वाह आप भी कर लेते तो अभागी बेटियों के बाप अपनी बेटियों के बलात्कारियों को सजा दिलाने की मागं के जुर्म में बेमौत भाजपा विधायकों के हाथो मारे नही जाते? बादशाह औरंगजेब को रावण समझकर ही उसके चरित्र से कुछ अगर मोदीजी सीख लेते तो शायद भारत के बैंकों को लूटकर भागने वाला नीरव मोदी यूरोप के दावोस शहर में मोदी जी के साथ सरकारी मेहमान बनकर नही घूमता?

    file photo

    हजारों करोड़ रुपए के घोटाले करने वाली राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रशंसा करने से पहले देश के प्रधानमंत्री मोदी को अनेक बार सोचना पड़ता यदि उनका निजी जीवन औरंगजेब की भांति पाक और पवित्र होता तो? योगी, मोदी जी आपका शासन भारत मे देश की बेटियों के रहने के लिए अधर्मी बन कर रोज ही अनेक बेटियोंं की इज्जत को लूटने के कुकर्म देखकर भी विदेशों में घूम-घूम कर मौज-मस्ती करने का गवाह बन गया है। गरीबी की आग में जलकर देश का मजदूर किसान बेवक्त मौत को गले लगा कर दुनिया से कूच कर रहा है और आपके चेहरे पर दर्द की एक लकीर भी नहीं दिखती है।

    file photo

    योगीजी आपके शासन में आपके प्रदेश में कितनी अभागी लड़कियों का बलात्कार  करके उन्हें जिन्दा लाश बना दिया जाता है पर आपकी सरकार की बैशर्म चुप्पी नही टूटती। यूपी के उन्नाव जिले में आपका ही विधायक एक लड़की की पवित्र चादर तार-तार करके गरीब लड़की की इज्ज़त लूट लेता है। आपकी पुलिस और आप स्वयं अपने बलात्कारी विधायक की ढ़ाल बनकर बेशर्मी से उसे बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान करते हैं। जवान बेटी के बाप को न्याय मागंने की हिमाकत की सजा के रुप में आपके दबंग विधायक के गुन्डे बेरहमी से पीट-पीट कर उसके प्राण हर लेते हैं। माफ करना योगी आदित्यनाथ जी आपने स्वार्थ वश साधू का चोला ओढ़ रखा है जो आज भी आपकी आत्मा को भोगी वालासी बना कर व्याधि ग्रस्त बना रहा है। आप जैसे नेता इस देश की जनता के लिए दुर्भाग्य है जो राजनैतिक उत्सवो पर करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं पर आपके शासन में ऑक्सीजन नही खरीदने के कारण हजारों बच्चे मां की गोद में हमेशा के लिए मौत की गहरी नींद में  सुला दिये जाते हैं। आपका चाल चेहरा चरित्र आज मर्यादा विहीन होकर आपको नित नये झूठ बोलने को मजबूर कर रहा है  ताकी आपकी अपनी स्वेच्छा चारी निजी हित की सरकार चलती रहे। आप समय से कुछ सीखना नही चाहते पर समय को अपने हिसाब से चलाने की ठाने बेठे है। समय आपका मुल्यांकन आपके अच्छे कर्मो के रूप से करें या चुनावी झूठे जुमले बोलकर दंगाइयों को पनाह देने वाले अत्याचारी शासक के रुप में करे? यह आपको अपनी सरकार के परोपकारी कार्यो से तय करना होगा।

Got Something To Say:

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your email address will not be published.